बुलंदशहर में महिला स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को डीएम बी0
चन्द्रकला के प्रयासों से कामयाबी मिली है। अब बुलंदशहर प्रदेश के उन
अग्रणी 6 जिलों में शामिल है जो गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी सरकारी
अस्पतालों में कराते हैं। जिले में जननी सुरक्षा योजना से आच्छादित
प्रसूताओं की संख्या अब 92 फीसदी हो गयी है।
पिछड़ेपन से जूझ रहे बुलंदशहर के एनसीआर में होते हुए भी जागरूकता की कमी के कारण महिला स्वास्थ्य सेवाओं, कुपोषण और बालिका शिक्षा का स्तर बहुत नीचे था। जिलाधिकारी बी0 चन्द्रकला ने इन तीनों समस्याओं पर फोकस करके रणनीति बनाकर जमीनी काम किये जिससे इन क्षेत्रों में बड़ा सुधार हुआ है।

जननी सुरक्षा योजना के ताजा आंकड़े बताते हैं कि जिले की 92 फीसदी गर्भवती माताऐं इस योजना से आच्छादित है। जिलाधिकारी के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब घर-घर जाकर इन माताओं की नियमित जॉचें करती हैं। वर्तमान में जिले में इस योजना के तहत शामिल महिलाओं की संख्या तीस हजार से ज्यादा है जिनमें से हाईरिस्क पायी गयी 3800 गर्भवती माताऐं एएनएम और डाक्टरों की निगरानी में है।
सीएमओ डॉ0 दीपक ओहरी ने बताया कि लाभार्थियों के घरों में जाकर नियमित हीमोग्लोबिन और शुगर की जांच कराई जा रही है। ऐसा जिले में पहली बार संभव हुआ है। जिलाधिकारी बी0 चन्द्रकला बताती हैं कि प्रदेश सरकार की इन योजनाओं के जरिये जिले में कई समस्याओं का निदान संभव हो पाया है। अब गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार की एम्बुलेंस सुगम साधन है और इलाज के लिए अस्पताल। बच्चों में कुपोषण रोककर हम समाज की नींव को मजबूत कर रहे हैं।
Source : http://voinews.in/?p=215
पिछड़ेपन से जूझ रहे बुलंदशहर के एनसीआर में होते हुए भी जागरूकता की कमी के कारण महिला स्वास्थ्य सेवाओं, कुपोषण और बालिका शिक्षा का स्तर बहुत नीचे था। जिलाधिकारी बी0 चन्द्रकला ने इन तीनों समस्याओं पर फोकस करके रणनीति बनाकर जमीनी काम किये जिससे इन क्षेत्रों में बड़ा सुधार हुआ है।

जननी सुरक्षा योजना के ताजा आंकड़े बताते हैं कि जिले की 92 फीसदी गर्भवती माताऐं इस योजना से आच्छादित है। जिलाधिकारी के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब घर-घर जाकर इन माताओं की नियमित जॉचें करती हैं। वर्तमान में जिले में इस योजना के तहत शामिल महिलाओं की संख्या तीस हजार से ज्यादा है जिनमें से हाईरिस्क पायी गयी 3800 गर्भवती माताऐं एएनएम और डाक्टरों की निगरानी में है।
सीएमओ डॉ0 दीपक ओहरी ने बताया कि लाभार्थियों के घरों में जाकर नियमित हीमोग्लोबिन और शुगर की जांच कराई जा रही है। ऐसा जिले में पहली बार संभव हुआ है। जिलाधिकारी बी0 चन्द्रकला बताती हैं कि प्रदेश सरकार की इन योजनाओं के जरिये जिले में कई समस्याओं का निदान संभव हो पाया है। अब गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार की एम्बुलेंस सुगम साधन है और इलाज के लिए अस्पताल। बच्चों में कुपोषण रोककर हम समाज की नींव को मजबूत कर रहे हैं।
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